बिना फार्मासिस्ट के बेची जा रही दवाइयां, अप्रशिक्षित स्टाफ कर रहा मरीजों की देखभाल?
भदोही। ममहर बाजार स्थित जन कल्याण नर्सिंग होम को लेकर किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। स्टिंग के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो के आधार नर्सिंग होम में बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट की मौजूदगी के दवाओं का वितरण किया जा रहा है तथा मरीजों की देखभाल अप्रशिक्षित स्टाफ से कराई जा रही है।
स्टिंग में मौजूद बातचीत के अनुसार GNM रीता चौहान ने बताया कि नर्सिंग होम का संचालन उनकी देखरेख में होता है। उन्होंने यह भी कहा कि मरीज आने पर उनकी रिपोर्ट देखी जाती है, आवश्यक जांच कराई जाती है तथा जरूरत के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
स्टिंग के दौरान यह भी रिकॉर्ड किया गया कि नर्सिंग होम परिसर में संचालित मेडिकल स्टोर पर किसी पंजीकृत फार्मासिस्ट की मौजूदगी नहीं थी। वहां मौजूद एक कर्मचारी ने स्वयं को हाल ही में इंटरमीडिएट (12वीं) उत्तीर्ण बताया। आरोप है कि वही कर्मचारी दवा वितरण सहित अन्य कार्य कर रही थी।
स्टिंग में यह भी दावा किया गया कि यहां सामान्य प्रसव लगभग ₹6,000 तथा ऑपरेशन से प्रसव ₹18,000 से ₹20,000 में कराया जाता है।
क्या एक GNM स्वतंत्र रूप से मरीजों का उपचार कर सकती है?
यदि एलोपैथिक दवाएं लिखी जा रही हैं, तो क्या यह लागू नियमों के अनुरूप है?
यदि मेडिकल स्टोर संचालित है, तो वहां पंजीकृत फार्मासिस्ट की मौजूदगी क्यों नहीं है?
क्या अप्रशिक्षित कर्मचारियों से मरीजों, विशेषकर जच्चा-बच्चा की देखभाल कराना मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय नहीं है?
अब सबसे बड़ा सवाल भदोही के स्वास्थ्य विभाग और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से है। क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी? यदि स्टिंग में सामने आए आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध क्या कार्रवाई होगी?
नोट: इस मामले में जन कल्याण नर्सिंग होम प्रबंधन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
बिपिन मिश्रा (द रियल हिन्दुस्तान)








